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Showing posts from May, 2021

ख़बर-चस्पा

इक नई खबर किसी ने उठाई अपनी स्टोरी पे चस्पा किसी दूसरे ने उठाई ये स्टोरी  अपनी स्टोरी पे चस्पा चस्पा कर - कर के  लोगों ने लंबी कतार बना दी खबर छूटी पीछे अफवाओं ने हवा बना दी नष्ट हुए सदाचार गालियों ने महफिल सजा दी नज़र पड़ी मासूम की वो भावनाओं में फंस गया अगले दिन उसने किसी पे गोली चला दी फिर... ख़बर सुनी मैंने उठाई और  अपनी स्टोरी पे चस्पा

हाथों की पायल

पांव के पास पड़ी पायल उठा लो उसे बचा लो खारे पानी से काली परत से बचा के  संभाल के रख दो अलमारी में शान से दिखाना  रिश्तेदारों को बताना  किस तरह चमकती है ये पायल फिर हाथों से झटक के  खनक भी सुनाना फिर उठा के बंद करदेना बक्से में कहीं जहां सुरक्षित हो बस वहीं पैरों के आभूषण को गले से लगाना  हाथ में दिखाना मौसम से बचाना नजरों से बचाना इधर टिकना  उधर टिकाना पर पैर मत लगाना