मेरी शकल पर लोगों को गुस्सा क्यों आता है?
मेरी शकल पर लोगों को गुस्सा क्यों आता है?
क्यूं लोग ऐसे देखते हैं जैसे रंजिश हो कोई
हां, माना कि बाल बढ़ा लिए है मैंने,
रंग थोड़ा गहरा है और लुक्खों से गाल भी धसे हैं मेरे,
हर पल अभिनय करता हूं,
करता हूं कि सरल दिखूं ,सफल दिखूं,
धूप में कम निकलता हूं तो बेबस महसूस करता हूं,
थकता हूं तो मुनफिक महसूस करता हूं
कहता नहीं हूं पर मुझे समझ नहीं आता कि
मेरी शकल पर लोगों को गुस्सा क्यों आता है?
क्यूं लोग ऐसे देखते हैं जैसे रंजिश हो कोई
हां, माना कि बाल बढ़ा लिए है मैंने,
रंग थोड़ा गहरा है और लुक्खों से गाल भी धसे हैं मेरे,
हर पल अभिनय करता हूं,
करता हूं कि सरल दिखूं ,सफल दिखूं,
धूप में कम निकलता हूं तो बेबस महसूस करता हूं,
थकता हूं तो मुनफिक महसूस करता हूं
कहता नहीं हूं पर मुझे समझ नहीं आता कि
मेरी शकल पर लोगों को गुस्सा क्यों आता है?

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