ठंडा है

 

ये ठंडी हवा

कांपता हुआ शरीर

बहती हुई नाक

ये सड़क पे पड़े मूंगफली के छिलके

लगता है ठंडी का मौसम है जनाब


कानों को उत्तेजित करती हवा

घर पहुंचने पे सिर दर्द कर देती है

गली सड़कों पे आती कई तरह की गंध 

लगता है ठंडी का मौसम है शराब


एक तरफ़...

ये रजाई के अंदर छुपा शरीर

बीछी हुई रजाई, दिन में बनती है सीधान

सुबह के ठंडे पानी में अध रुकी सांसे

ये बर्फ़ से ठंडे हांथ पैर

वो बढ़ी हुई भूख, वो लगी हुई मैदान


दूसरी तरफ़

लहराते हुए हरे गेहूं

जिसमे भोरही में लगता है पानी

अकड़ती है कमर रात को 

सींच के हमारे अनाज

लगता है ठंडी का मौसम है गवार

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