टेढ़ी कुर्सी

कुर्सी पर बैठा हूं तो दो पैर हवा में है,

चार पैर जमीन पर ना आ जाएं इसका डर है मुझे।

कभी आते हैं चार पैर जमीन पर तो बस खट्ट कि आवाज़ करने को।

खट्ट की आवाज़ आते ही, फ़िर दो पैर हवा में हैं, दो पर अभी भी जमीं पर है।

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